एनसीआर की धान की फसल खतरे में है

सावधान रहे! दिल्ली की ओर बढ़ रहा पाक टिड्डियों के झुंड, हरे क्षेत्रों को हो सकता हे नुकसान!

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दिल्ली-एनआरसि (DELHI-NRC AREA) क्षेत्र में भी टिड्डियाँ घुसपैठ कर सकती हैं। माना जाता है कि उनके हमले से दिल्ली के हरे-भरे इलाकों को नुकसान हो सकता है। वर्तमान में, राजस्थान के कई हिस्सों में लोग इनके आतंक से परेशान हैं। इस सम्बंध में, विशेषज्ञों का कहना है कि टिड्डियाँ राष्ट्रीय राजधानी Delhi में भी आ सकती हैं क्योंकि हवा कि दिशा उनके अनुसार है। ऐसे में दिल्ली Delhi वे इलाके जो पेड़-पौधों से भरे हुए हैं, क्षतिग्रस्त होना तय है। कृषि विभाग ने इसकी संभावना को देखते हुए एनसीआर में अलर्ट जारी किया है। साथ ही किसानों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि देश के कई राज्य जैसे राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई इलाके इससे बहुत प्रभावित हैं। वास्तव में, इन टिड्डियों से खेतों में फसलों को बहुत नुकसान होता है।


दिल्ली पर भी मंडराता हुआ


 दिल्ली में टिड्डियों के हमले का भी खतरा है। यह देखता है कि समीक्षा भी जारी की गई है। पता चला है कि पाकिस्तानी टिड्डों ने मूल्यांकन में बहुत नुकसान पहुँचाया है। रेटेड के दौसा जिले के कोटापट्टी गाँव में, इन टिड्डियों ने लगातार चौथे बार हमला किया। सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने फायर ट्रक भेजा। फायर ब्रिगेड ने उन पर दवा का छिड़काव किया है। लेकिन इस दौरान केवल 40-50 प्रतिशत टिड्डियों को ही मारा गया। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ये टिड्डियाँ दिल्ली के 22 प्रतिशत हरे-भरे इलाकों पर हमला कर सकती हैं। इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। उनके दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में आने की संभावना का उल्लेख किया जा रहा है क्योंकि हवा कि दिशा टिड्डियों के लिए अनुकूल है।


एनसीआर की धान की फसल खतरे में है


दिल्ली में बहुत कम इलाके हैं जहाँ खेती होती है। इसके बावजूद, टिड्डियों की टाइपिंग हो सकती है। दैनिक हिंदुस्तान के साथ एक साक्षात्कार में, यमुना जैव विविधता पार्क में एंटोमोलॉजिस्ट मोहम्मद फैजल बताते हैं कि हरे क्षेत्रों पर टिड्डियों की टाइपिंग हो सकती है। इसके अलावा, एनसीआर के कई क्षेत्रों में गेहूँ की फसल काटी गई है। किसानों ने धान की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है। माना जाता है कि ग्रासहॉपर काफी नुकसान पहुँचाते हैं। इस कारण कृषि विभाग ने अधिकारियों के अलावा विभागीय कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्राम प्रधानों और किसानों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

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